सोलन ऑटो टेक्सी यूनियन के सदस्यों ने रैपिडो और अन्य मोबाइल एप्प्स के खिलाफ जमकर की नारे बाजी और प्रदर्शन किया प्रदेश सरकार को भी लिया घेरे में डी. सी. सोलन
रिपोर्ट :-
सोलन ऑटो टेक्सी यूनियन के सदस्यों ने रैपिडो और अन्य मोबाइल एप्प्स के खिलाफ जमकर की नारे बाजी और प्रदर्शन किया प्रदेश सरकार को भी लिया घेरे में डी. सी. सोलन डॉ. मनमोहन शर्मा को दिया ज्ञापन
सोलन/PTN DAINIK/विनीत सिंह/ 21 जनवरी 2026
अपनी नाराजगी दर्शाते हुए कहा कि यह उनकी रोजी-रोटी का सवाल है। उन्होंने कहा कि रैपिडो और अन्य मोबाइल एप्प्स बिना नीति के चल रहे हैं और टैक्सी व्यवसाय को प्रभावित कर रहे हैं।
यूनियन के सदस्यों ने कहा कि वे अपनी दिहाड़ी और व्यवसाय छोड़कर इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि वे रैपिडो और अन्य अवैध एप्प्स के खिलाफ कार्रवाई करें और सरकार से गुहार लगाई की टैक्सी व्यवसाय को वैधता दें ना कि एक और प्रतिस्पर्धा को जन्म दें।
यूनियन के नेताओं ने कहा कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर उपस्थित अतुल भारद्वाज ने कहा कि यूनियन के सदस्य अपनी एकता और समर्थन की भावना को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि वे इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी बात रखी है। टैक्सी यूनियन और शूलिनी ऑटो यूनियन के सदस्यों ने रैपिडो और अन्य मोबाइल एप्प्स के खिलाफ आवाज उठाई है, जो बिना किसी नीति के चल रहे हैं और टैक्सी व्यवसाय को प्रभावित कर रहे हैं।
ऑटो टेक्सी यूनियन के सदस्यों ने जो - जो मुख्य बातें कहीं:
1. रैपिडो और अन्य मोबाइल एप्प्स बिना नीति के चल रहे हैं और टैक्सी व्यवसाय को प्रभावित कर रहे हैं।
2. सरकार को इन एप्प्स के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और टैक्सी व्यवसाय को समर्थन देना चाहिए।
3. आपने प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे इन एप्प्स के खिलाफ कार्रवाई करें और टैक्सी व्यवसाय को वैधता दें।
4. आपने यह भी कहा है कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तो टैक्सी यूनियन और शूलिनी ऑटो यूनियन को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
इस ऑटो टेक्सी यूनियन के अध्यक्ष धर्मपाल ठाकुर ने अपनी बात बहुत ही स्पष्ट और प्रभावी ढंग से रखी अधिवक्ता और ऑटो टेक्सी यूनियन के प्रदेश के सचिव अतुल भारद्वाज ने सभी से एकता और समर्थन की भावना को बनाये रखने को कहा।




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